अहादीस-ए-मुबारका: इनमल आमालु बिन्नीय्यात
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सीरीज़ के हिस्से (Part 1 of 5)
हदीस 1-8: नीयत व ईमानहदीस 9-16: नमाज़ व तहारतहदीस 17-24: अख़लाक़ व हुस्ने सुलूक
إِنَّمَا الأَعْمَالُ بِالنِّيَّاتِ، وَإِنَّمَا لِكُلِّ امْرِئٍ مَا نَوَى
मुख़्तसर जवाब / ख़ुलासा
अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: आमाल का दारोमदार सिर्फ़ नीयतों पर है...
तहक़ीक़ व तफ़्सील
हज़रत अमीरुल मोमिनीन उमर बिन ख़त्ताब रज़ियल्लाहु तआला अन्हु से रिवायत है कि उन्होंने फ़रमाया: मैंने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को यह फ़रमाते हुए सुना कि:
"तमाम आमाल का दारोमदार नीयतों पर है, और हर इंसान को वही मिलेगा जिसकी उसने नीयत की। पस जिसकी हिजरत अल्लाह और उसके रसूल के लिए हो, उसकी हिजरत अल्लाह और उसके रसूल ही के लिए है..."
सबक़: कोई भी नेक काम करने से पहले अपनी नीयत को ख़ालिस अल्लाह की रज़ा के लिए दुरुस्त करना ज़रूरी है।
अमल करने की बातें
Amal kareinइस इल्म को अपनी रोज़मर्रा की ज़िन्दगी और इबादतों में शामिल करें।
Share kareinहदीस व शरई मसाइल को अपने घर वालों और दोस्तों के साथ शेयर करें।
Dua kareinइल्म पर साबित क़दमी और नेक अमल की तौफ़ीक़ के लिए दुआ मांगें।
Ulema se ruju kareinकिसी पेचीदा मसले की सूरत में अहले सुन्नत के मुफ़्ती-ए-किराम से राब्ता करें।