हुज़ूर अकरम ﷺ की विलादत-ए-बा-सआदत और बचपन

हुज़ूर अकरम ﷺ की विलादत-ए-बा-सआदत और बचपन


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सीरीज़ के हिस्से (Part 1 of 4)
भाग 1: विलादत व बचपन शरीफ़भाग 2: ऐलान-ए-नुबुव्वत और मक्का का दौरभाग 3: हिजरत-ए-मदीना और ग़ज़वातभाग 4: फ़तह-ए-मक्का और आख़िरी ख़ुत्बा

मुख़्तसर जवाब / ख़ुलासा

हुज़ूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की विलादत-ए-बा-सआदत 12 रबीउल अव्वल पीर के दिन मक्का मुकर्रमा में हुई...

तहक़ीक़ व तफ़्सील

हुज़ूर पुरनूर, शफ़िए यौमुन्नुशूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम की विलादत-ए-बा-सआदत 12 रबीउल अव्वल, आमुल फ़ील (हाथियों वाले साल) पीर के दिन सुबह सादिक़ के वक़्त मक्का मुकर्रमा में हुई।

विलादत के वक़्त हज़रत आमिना रज़ियल्लाहु अन्हा फ़रमाती हैं कि एक ऐसा नूर ज़ाहिर हुआ जिससे शाम के महलात रोशन हो गए। आप ﷺ की परवरिश पहले आपकी वालिदा माजिदा ने की, फिर हज़रत हलीमा सादिया रज़ियल्लाहु अन्हा के सुपुर्द फ़रमाया गया जहां बरकतों का ज़हूर हुआ।

अमल करने की बातें

Amal kareinइस इल्म को अपनी रोज़मर्रा की ज़िन्दगी और इबादतों में शामिल करें।
Share kareinहदीस व शरई मसाइल को अपने घर वालों और दोस्तों के साथ शेयर करें।
Dua kareinइल्म पर साबित क़दमी और नेक अमल की तौफ़ीक़ के लिए दुआ मांगें।
Ulema se ruju kareinकिसी पेचीदा मसले की सूरत में अहले सुन्नत के मुफ़्ती-ए-किराम से राब्ता करें।

FAQs – आम सवाल

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